Leave your feedback Share Copy URL https://gographicsoutput.com/video/EPLfx3O3DqB.html Email Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Tumblr Share on Facebook Share on Twitter ब्राज़ील में अयावास्का की बढ़ती मांग [Ayahuasca Boom in Brazil] | DW Documentary हिन्दी [hv1wVol2ZtE] Health Updated on August 08, 2026 EDT — Published on August 08, 2026 EDT अयावास्का, दिमाग में हलचल पैदा करने वाला यह पेय ब्राज़ील में आम है. पीढ़ियों से मूलनिवासियों ने इसे अपनी परंपराओं का हिस्सा बनाए रखा है. रिसर्चरों का कहना है कि अयावास्का नशे के आदी लोगों के इलाज और बतौर एंटी-डिप्रेसेंट काम आ सकती है. अयावास्का का अर्थ होता है “लकड़ी की बेलों वाली आत्माएं”. ब्राजील में धार्मिक अनुष्ठानों में इसे पीने की अनुमति दशकों से है. हुनि कुइन जनजाति के गांवों में जिन पौधों से यह पवित्र पेय बनता है, वे ठीक नदी के पास उगते हैं. ग्रामीण महीने में एक बार इस भूरे पेय पदार्थ को एक छोटे से गिलास से पीने के लिए इकट्ठा होते हैं. इस कड़वे पेय को खास तरह की बेल और कॉफी के पत्तों के साथ उबालकर तैयार किया जाता है. अयावास्का हुनि कुइन लोगों को घंटों तक अति उत्साहित और भ्रम की स्थिति में ले जाती है. इस कबीले के मुखिया इबा हुनि कुइन का मानना है कि यह मन को साफ करने और आत्मबोध की एक अलग दुनिया में ले जाती है. बहुत से विदेशी और ब्राजीली लोग अब आक्रे राज्य में इस आध्यात्मिक अनुभव को महसूस करने आ रहे हैं. रियो डे जनेरो की शुगर लोफ पहाड़ियों के पास एक चर्च दशकों से लोगों को अयावास्का पिला रहा है. यहां महीने में कई बार धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होता है जहां अयावास्का का सेवन कराया जाता है. इसके लिए लोग चर्च में इकट्ठा होते हैं, नाचते-गाते हैं और प्रकृति के साथ-साथ कैथोलिक धर्म का गुणगान करते हैं. ब्राज़ील में अयावास्का का गढ़ कहलाने वाले क्षेत्र में कबीले के प्रमुख इबा हुनि कुइन अपनी कला से होने वाली कमाई से अयावास्का के आयोजन करवाते हैं. फिर इनसे होने वाली आमदनी यहां के वर्षावनों के संरक्षण में इस्तेमाल होती है. #DWDocumentaryहिन्दी #DWहिन्दी #medicine #ayahuascaceremony #brazil ---------------------------------------------- अगर आपको वीडियो पसंद आया और आगे भी ऐसी दिलचस्प वीडियो देखना चाहते हैं तो हमें सब्सक्राइब करना मत भूलिए. विज्ञान, तकनीक, सेहत और पर्यावरण से जुड़े वीडियो देखने के लिए हमारे चैनल DW हिन्दी को फॉलो करे: @dwhindi और डॉयचे वेले की सोशल मीडिया नेटिकेट नीतियों को यहां पढ़ें: ofUu72jGZLQ qKo3bQ5GXNH 2qmqXTCB2eo 68LRpsSvLU6 fQHgd6w6SaI UfkfUpanC3G lxLCfHP3U2D
अयावास्का, दिमाग में हलचल पैदा करने वाला यह पेय ब्राज़ील में आम है. पीढ़ियों से मूलनिवासियों ने इसे अपनी परंपराओं का हिस्सा बनाए रखा है. रिसर्चरों का कहना है कि अयावास्का नशे के आदी लोगों के इलाज और बतौर एंटी-डिप्रेसेंट काम आ सकती है. अयावास्का का अर्थ होता है “लकड़ी की बेलों वाली आत्माएं”. ब्राजील में धार्मिक अनुष्ठानों में इसे पीने की अनुमति दशकों से है. हुनि कुइन जनजाति के गांवों में जिन पौधों से यह पवित्र पेय बनता है, वे ठीक नदी के पास उगते हैं. ग्रामीण महीने में एक बार इस भूरे पेय पदार्थ को एक छोटे से गिलास से पीने के लिए इकट्ठा होते हैं. इस कड़वे पेय को खास तरह की बेल और कॉफी के पत्तों के साथ उबालकर तैयार किया जाता है. अयावास्का हुनि कुइन लोगों को घंटों तक अति उत्साहित और भ्रम की स्थिति में ले जाती है. इस कबीले के मुखिया इबा हुनि कुइन का मानना है कि यह मन को साफ करने और आत्मबोध की एक अलग दुनिया में ले जाती है. बहुत से विदेशी और ब्राजीली लोग अब आक्रे राज्य में इस आध्यात्मिक अनुभव को महसूस करने आ रहे हैं. रियो डे जनेरो की शुगर लोफ पहाड़ियों के पास एक चर्च दशकों से लोगों को अयावास्का पिला रहा है. यहां महीने में कई बार धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होता है जहां अयावास्का का सेवन कराया जाता है. इसके लिए लोग चर्च में इकट्ठा होते हैं, नाचते-गाते हैं और प्रकृति के साथ-साथ कैथोलिक धर्म का गुणगान करते हैं. ब्राज़ील में अयावास्का का गढ़ कहलाने वाले क्षेत्र में कबीले के प्रमुख इबा हुनि कुइन अपनी कला से होने वाली कमाई से अयावास्का के आयोजन करवाते हैं. फिर इनसे होने वाली आमदनी यहां के वर्षावनों के संरक्षण में इस्तेमाल होती है. #DWDocumentaryहिन्दी #DWहिन्दी #medicine #ayahuascaceremony #brazil ---------------------------------------------- अगर आपको वीडियो पसंद आया और आगे भी ऐसी दिलचस्प वीडियो देखना चाहते हैं तो हमें सब्सक्राइब करना मत भूलिए. विज्ञान, तकनीक, सेहत और पर्यावरण से जुड़े वीडियो देखने के लिए हमारे चैनल DW हिन्दी को फॉलो करे: @dwhindi और डॉयचे वेले की सोशल मीडिया नेटिकेट नीतियों को यहां पढ़ें: ofUu72jGZLQ qKo3bQ5GXNH 2qmqXTCB2eo 68LRpsSvLU6 fQHgd6w6SaI UfkfUpanC3G lxLCfHP3U2D